मंगलनाथ मंदिर विशेष पूजा

उज्जैन में मंगल दोष निवारण पूजा

मंगलिक दोष, विवाह में विलंब, वैवाहिक एवं संबंधों की बाधाओं तथा मंगल ग्रह से संबंधित समस्याओं के निवारण हेतु मंगलनाथ मंदिर में वैदिक विधि-विधान के अनुसार पूजा-अनुष्ठान कराएं।

मंगल दोष क्या है?

मंगल दोष, जिसे मांगलिक दोष भी कहा जाता है, वैदिक ज्योतिष में सबसे अधिक चर्चित ज्योतिषीय स्थितियों में से एक है। यह तब बनता है जब मंगल ग्रह (मंगल देव) जन्म कुंडली के कुछ विशेष भावों में स्थित होता है। ग्रहों की यह स्थिति विवाह, वैवाहिक जीवन, संबंधों, आर्थिक स्थिरता, करियर में उन्नति तथा मानसिक शांति से संबंधित चुनौतियाँ उत्पन्न कर सकती है।

उज्जैन स्थित मंगलनाथ मंदिर में कराई जाने वाली मंगल दोष निवारण पूजा मंगल ग्रह के अशुभ प्रभावों को कम करने तथा उसके शुभ प्रभावों को बढ़ाने के लिए सबसे प्रभावी वैदिक उपायों में से एक मानी जाती है।

मंगलनाथ मंदिर में मंगल दोष पूजा क्यों कराएं?

मंगल ग्रह की जन्मस्थली

मंगलनाथ मंदिर को मंगल ग्रह की जन्मस्थली माना जाता है।

प्राचीन मंदिर

भारत के सबसे महत्वपूर्ण ज्योतिषीय एवं धार्मिक मंदिरों में से एक।

महाकाल का आशीर्वाद

भगवान महाकाल की पवित्र नगरी उज्जैन में स्थित।

शक्तिशाली वैदिक उपाय

मंगल दोष निवारण के लिए अत्यंत प्रभावी एवं अनुशंसित पूजा।

मंगल दोष के सामान्य प्रभाव

विवाह में विलंब
वैवाहिक एवं संबंधों की समस्याएँ
आर्थिक अस्थिरता
करियर में बाधाएँ
मानसिक तनाव
बार-बार होने वाले विवाद

मंगल दोष निवारण पूजा के लाभ

वैवाहिक सुख एवं सामंजस्य
करियर में उन्नति
आर्थिक स्थिरता
मानसिक शांति
स्वास्थ्य में सुधार
सकारात्मक ऊर्जा
आध्यात्मिक उन्नति
दिव्य आशीर्वाद

मंगल दोष निवारण पूजा की विधि

1. संकल्प
2. गणेश पूजा
3. कलश स्थापना
4. मंगल ग्रह पूजा
5. मंगल मंत्र जाप
6. रुद्राभिषेक
7. हवन
8. आरती एवं आशीर्वाद

पंडित उज्जैन को क्यों चुनें?

अनुभवी वैदिक पंडित
प्रामाणिक वैदिक अनुष्ठान
ऑनलाइन एवं ऑफलाइन पूजा
फोटो एवं वीडियो

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मंगल दोष तब बनता है जब जन्म कुंडली में मंगल ग्रह विशेष भावों में स्थित होता है।
हाँ। ऑनलाइन सहभागिता की सुविधा विश्वभर के श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध है।